Sunday, March 19, 2017

The Virginity Part 5



Sakshi घर के लॉन में बैठी है| उसकी mummy, Karuna पौधों में पानी दे रही हैं| उनकी नज़र बड़ी देर से किसी सोच में डूबी हुई Sakshi पर पड़ती है| कई तरह के भाव हैं उसके चेहरे पर... karuna का दिल बैठने लगता है... कहीं ऐसा तो नहीं कि... sakshi अब भी उस सदमें से बाहर न आ पाई हो|
karuna: sakshi... क्या हुआ बेटा... किसके ख्यालों में खोई हो..?
Sakshi अचानक माँ की आवाज़ सुनकर चौंकी... फिर खुद को संभालते हुए बोली
Sakshi: कुछ नहीं माँ... मैं किसके ख्यालों में रहूंगी... बस ऐसे ही..
karuna: जो बीत गया है उसे गुज़र जाने दो बेटा...
Sakshi... शांत रहती है... गंभीर मुद्रा में karuna उसे एक टक देख रही है| sakshi उठ कर घर के अंदर चली जाती है|


Sakshi अपने रूम में बैठी है| रूम के कोने में रखी table के drawer से वो अपनी dairy निकाल लेती है| पहले पन्ने पर उसके साथ उसकी छोटी बहन की फोटो लगी है| बोला सा चेहरा, गोरा रंग, आँखों पर चश्मा, दांतों पर ब्रेसेस लगे हैं... sakshi की आँखों में आंसू है... वो उस फोटो को चूम कर कहती है|
Sakshi: I Miss You Teenaa... I Miss You a lot...
Sakshi सिसकने लगती है... रोते-रोते वो सो जाती है| फिर वही सपना... वो भाग रही है.. अँधेरी गलियों से... भागते भागते वो Teenaa को पुकार रही है| दीदी... दीदी... Teenaa.... Sakshi की चीख निकली और वो उठ कर बैठ गई| उस दिन का सारा मंज़र उसकी आँखों के सामने घूम गया...



8 साल की Teenaa... एक Special child... घर के बाहर बने गार्डन में खेल रही थी| Sakshi भी उसके साथ थी... अपने से 2 साल छोटी बहन का ध्यान रखना उसकी ज़िम्मेदारी थी... उसे ऐसा लगता था... बड़ी प्यार से दोनों साथ खेलतीं... माँ भी निश्चिन्त हो कर ऑफिस जाति क्यूंकि उन्हें पता था की Sakshi बहुत समझदार है| वैसे भी घर में दो नौकर थे जो बच्चों के खाने पीने का ध्यान रखते  थे| papa को गुजरे हुए 3 साल बीत गए थे, उनकी जगह पर ही माँ को नौकरी मिली थी, पर 8 दिसम्बर 1995 की वो शाम ... जब Sakshi और Teenaa घर पर अकेले थे... नौकरों को सामान लेने बाहर जाना पड़ा... दोनों घर के लॉन में रोज़ की तरह खेल रहीं थी... तभी Teenaa ने Sakshi से पानी माँगा| Sakshi पानी लेने अंदर गई... कुछ मिनट में वापस आई तो Teenaa लॉन में नहीं थी| सामने का गेट खुला था... Sakshi बाहर निकली और Teenaa को पुकारने लगी... पर Teenaa कहीं नहीं थी...| उसने फ़ौरन mummy के ऑफिस में फ़ोन किया.
Sakshi: माँ... माँ... Teenaa...
10 साल की sakshi हडबडाहट में बोल नहीं पा रही थी...
karuna: क्या हुआ... क्या हुआ Teenaa को?
sakshi: माँ...  वो मिल नहीं रही...
किसी अनहोनी की बात सोच karuna फ़ौरन घर को निकली|

To be continued...

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