Wednesday, March 22, 2017

रियल फ्रेंडशिप

अरे आज मेरी याद कैसे आ गई? रोहित ने चहकते हुए पारुल से पुछा| हेल्लो ? आवाज़ सुनाइ दे रही है?
हाँ... सुन रही हूँ... | गहरी सांस लेकर पारुल बोली
अरे तो कुछ बोल क्यूँ नहीं रही? रोहित ने टोका|`
.... आई ऍम सॉरी रोहित...| पारुल इतना ही बोल पाई|
अरे पागल हो गयी हो क्या.. एक तो इतने साल बाद फ़ोन किआ उस पर भी सॉरी.. और किस बात के लिए.. ये भी तो मुझे बताओ..|
तुम्हें पता है... मुझे बताने की ज़रूरत नहीं...|
इतना कहना था की रोहित जोर जोर से हंसने लगा... बोला
अरे यार अब बस भी करो...अब तो मैं दो साल की बेटी का बाप बन गया हूँ.. मस्त रहो यार जो हुआ ठीक हुआ.. हाँ मुझे इस बात का मलाल ज़रूर रहेगा की तुम मेरे प्यार को समझ नहीं पाई|
.... ऐसा नहीं है... इन चार सालों में कोई ऐसा दिन नहीं गया जब मैंने तुम्हें याद नहीं किया.. फ़र्क सिर्फ इतना है की मैंने तुम्हें सबसे अच्छा और सबसे करीब दोस्त माना और उसी की तरह प्यार किआ.. इसके अलावा मेरे मन में तुम्हारे लिए कभी कोई फीलिंग्स नहीं आई| हर दिन में इसी गिल्ट में जीती रही की मैंने तुम्हारे साथ सही नहीं किया... पर अगर मैं तुम्हें न छोड़ती... तुमसे बात करना न बंद करती तो शायद आज तुम तरक्की की इतनी उचाईयों पर नहीं पहुंचते... और फिर..
उसकी बात को बीच में ही कट करते हुए रोहित ने कहा, हाँ हाँ समझ गया| अब बस भी करो| रुलोगी क्या पगली|
पारुल ज़ोर से हंसी| हद है रोहित तुम बिलकुल नहीं बदले|
मेरी छोड़ो अपनी सुनाओ| शादी की या नहीं?
अभी नहीं... कोई ढंग का लड़का तो मिले| पारुल बोली|
अरे.. देखा मेरी बात मान लेती तो अभी तुम भी शादीशुदा होती... बोलकर रोहित फिर हसने लगा|
तुम्हारी लाइन बंद हो चुकी है बेटा... अब रश्मि पर ध्यान दो मुझ पर नहीं| कहकर पारुल भी हंसने लगी|
पर सच कहूँ तो पारुल मैंने वाकई तुम्हें बहुत मिस किया, कैसे इतने साल तुम्हारे बिना रहा हूँ.. सिर्फ मैं ही जनता हूँ| रोहित ने कहा|
मैं समझ सकती हु रोहित, इसीलिए तो मैंने तुम्हें फोन किया.. हर दिन तुम्हें मिस करती थी| पर कभी बात करने की हिम्मत नहीं हुई| आज बड़ी मुश्किल से हिम्मत कर के तुम्हें फ़ोन मिलाया| क्यूंकि मैं कभी अपने दोस्त को खोना नहीं चाहती| सही मायने में तुम मेरे सबसे अच्छे दोस्त हो.. ऐसे दोस्त जिससे में कुछ भी कहूँ वो मुझे कभी जज नहीं करेगा...|
अरे ठीक है अब सेंटी मत हो... मैं कहाँ भागा जा रहा हूँ| सॉरी तो मुझे भी बोलना चाहिए| अगर मैं उस समय तुम्हारे एहसास समझ पाता तो शायद हम दूर ही न होते|
तो बोलो...| पारुल ने कहा|
क्या बोलूं?

अरे सॉरी बोलो... इतना बोलना था कि दोनों एक साथ जोर से हंसी| वक़्त ने दोस्तों को जुदा किआ था.. और वक़्त ने ही मिलवा दिया| उस हंसी के बीच दोनों के बीच के शिकवे हमेशा के लिए ख़त्म हो गए|

Monday, March 20, 2017

Real friendship

"रियल फ्रेंडशिप", को प्रतिलिपि पर पढ़ें : http://hindi.pratilipi.com/pratilipi/5739306407690240?utm_source=android&utm_campaign=content_share भारतीय भाषाओँ में अनगिनत रचनाएं पढ़ें, लिखें और दोस्तों से साझा करें, पूर्णत: नि:शुल्क

Sunday, March 19, 2017

khushiyon ki pari



http://hindi.pratilipi.com/read?id=5586077879369728&ret=/deepti-ojhaa/khushiyo-ki-pari

is kahani ko padhney k liye uper diye link pr click krein

The Virginity Part 6




दो दिन बाद... sakshi के घर का ड्राइंग रूम. कुछ police के लोग सोफे पर बैठे हैं.. karuna उनसे बात कर रही है| पर्दे के पीछे खड़ी Sakshi बातें सुन रही है... karuna रो रही है|
karuna: इंस्पेक्टर साहब मैं किसका नाम लूँ... मुझे किसी पर शक नहीं... बस मेरी बच्ची मिल जाए.. वो special child है... उसके साथ कुछ ऐसा वैसे हुआ तो भी उसे समझ नहीं आएगा... मैं तो मर ही जाऊँगी... दो ही बेटियां हैं मेरी.. इन्ही में मेरी जान बस्ती है|
inspector: आप please खुद को संभालिये हम पूरी कोशिश कर रहे हैं|
तभी घर में रखा फ़ोन बजता है|
karuna: हेल्लो, कौन?
unkown: बच्ची मिल गई ?
karuna: कौन बोल रहा है? कहाँ है मेरी बच्ची?
फ़ोन कट हो जाता है| inspector अपने सिपाही को फ़ौरन number का पता लगाने को कहते हैं| sakshi डरी सहमी सी खड़ी है... अचानक लॉन में कुछ आहट सुनकर वो भागकर जाती है... कोई sakshi को लॉन में फेंक कर भागा... Teenaa को  खून से लथपथ देख sakshi चिल्लाई.... Teenaa... क्या हुआ तुमको उठो... शोर सुनकर सब बाहर भागते हैं... Teenaa about to die condition में है| inspector फ़ौरन ambulance बुलाता है|



operation theatre का सीन doctor आपस में बात कर रहे हैं| she is been brutally raped... कम से कम तीन आदमी तो थे ही... bleeding रूक नहीं रही... पल्स रेट भी कम है... डॉक्टर्स उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं| karuna, inspector और sakshi ot के बाहर खड़े हैं| डॉक्टर बाहर आते हैं..
Doctor: i am sorry... but your daughter was a brave child…
karuna और Sakshi सन्न रह जाते हैं| karuna  रो रही है पर sakshi की आँखों में आंसू नहीं है| Sakshi माँ को संभाल रही है| inspector डॉक्टर से case की डिटेल्स लेने उसके साथ चले जाते हैं|




10 साल बाद... 24 साल Sakshi, saksham foundation की मालिक है| वो उन्ही बच्चों के लिए काम कर रही है जिनके साथ बचपन में रेप जैसी घटनाएं हुईं... उसके foundation में ३० बच्चे हैं| कुछ की उम्र 16  तो कुछ की 6 साल भी है| पर इन बच्चों में सबसे चहेती है 12 साल की Teenaa जो एक special child है... और सबकी लाडली भी... Sakshi उसका हाँथ पकड़ garden ले जाती है| आज sakshi अपने में खुश और संतुष्ट है.. बहन को मिस ज़रूर करती है.. पर इन बच्चों में उसकी परछाई ढूंढ लेती है|

The Virginity Part 5



Sakshi घर के लॉन में बैठी है| उसकी mummy, Karuna पौधों में पानी दे रही हैं| उनकी नज़र बड़ी देर से किसी सोच में डूबी हुई Sakshi पर पड़ती है| कई तरह के भाव हैं उसके चेहरे पर... karuna का दिल बैठने लगता है... कहीं ऐसा तो नहीं कि... sakshi अब भी उस सदमें से बाहर न आ पाई हो|
karuna: sakshi... क्या हुआ बेटा... किसके ख्यालों में खोई हो..?
Sakshi अचानक माँ की आवाज़ सुनकर चौंकी... फिर खुद को संभालते हुए बोली
Sakshi: कुछ नहीं माँ... मैं किसके ख्यालों में रहूंगी... बस ऐसे ही..
karuna: जो बीत गया है उसे गुज़र जाने दो बेटा...
Sakshi... शांत रहती है... गंभीर मुद्रा में karuna उसे एक टक देख रही है| sakshi उठ कर घर के अंदर चली जाती है|


Sakshi अपने रूम में बैठी है| रूम के कोने में रखी table के drawer से वो अपनी dairy निकाल लेती है| पहले पन्ने पर उसके साथ उसकी छोटी बहन की फोटो लगी है| बोला सा चेहरा, गोरा रंग, आँखों पर चश्मा, दांतों पर ब्रेसेस लगे हैं... sakshi की आँखों में आंसू है... वो उस फोटो को चूम कर कहती है|
Sakshi: I Miss You Teenaa... I Miss You a lot...
Sakshi सिसकने लगती है... रोते-रोते वो सो जाती है| फिर वही सपना... वो भाग रही है.. अँधेरी गलियों से... भागते भागते वो Teenaa को पुकार रही है| दीदी... दीदी... Teenaa.... Sakshi की चीख निकली और वो उठ कर बैठ गई| उस दिन का सारा मंज़र उसकी आँखों के सामने घूम गया...



8 साल की Teenaa... एक Special child... घर के बाहर बने गार्डन में खेल रही थी| Sakshi भी उसके साथ थी... अपने से 2 साल छोटी बहन का ध्यान रखना उसकी ज़िम्मेदारी थी... उसे ऐसा लगता था... बड़ी प्यार से दोनों साथ खेलतीं... माँ भी निश्चिन्त हो कर ऑफिस जाति क्यूंकि उन्हें पता था की Sakshi बहुत समझदार है| वैसे भी घर में दो नौकर थे जो बच्चों के खाने पीने का ध्यान रखते  थे| papa को गुजरे हुए 3 साल बीत गए थे, उनकी जगह पर ही माँ को नौकरी मिली थी, पर 8 दिसम्बर 1995 की वो शाम ... जब Sakshi और Teenaa घर पर अकेले थे... नौकरों को सामान लेने बाहर जाना पड़ा... दोनों घर के लॉन में रोज़ की तरह खेल रहीं थी... तभी Teenaa ने Sakshi से पानी माँगा| Sakshi पानी लेने अंदर गई... कुछ मिनट में वापस आई तो Teenaa लॉन में नहीं थी| सामने का गेट खुला था... Sakshi बाहर निकली और Teenaa को पुकारने लगी... पर Teenaa कहीं नहीं थी...| उसने फ़ौरन mummy के ऑफिस में फ़ोन किया.
Sakshi: माँ... माँ... Teenaa...
10 साल की sakshi हडबडाहट में बोल नहीं पा रही थी...
karuna: क्या हुआ... क्या हुआ Teenaa को?
sakshi: माँ...  वो मिल नहीं रही...
किसी अनहोनी की बात सोच karuna फ़ौरन घर को निकली|

To be continued...

The virginity Part 4



साइंस की क्लास चल रही है| kavita ने फिर वही सवाल Sakshi से किया...
kavita: अरे तुने बताया नहीं...??
Sakshi: तेरे पास और कोई काम नहीं है क्या...? हमेशा एक ही सवाल..., एक ही topic... मैं तंग आ चुकी हूँ... इसीलिए बाकि लड़कियों के साथ ग्रुप बनाकर नहीं बैठती... life में सबकुछ virginity या सेक्स ही नहीं होता...|
Sakshi की झुनझुलाहत और तेज़ आवाज़ से teacher का ध्यान उस पर गया|
Teacher: Sakshi, any problem?
Sakshi: No maa’m, Nothing...
Teacher: so, please keep quite...
Sakshi: Sorry...
कहकर Sakshi seat पर बैठ गई| kavita ने भी नज़रें किताब में गड़ा दीं|





School का lunch time. kavita सब लड़कियों के साथ बैठ कर बातें कर रही है| उसने Sakshi की तरफ देखा और मुस्कुरा दी| sakshi उठी और उस ग्रुप में जा कर बैठ गई|  kavita ने उसे ताज्जुब से देखा|
kavita: आओ sakshi...
sakshi: और guys... क्या चल रहा है?
priya: कमाल है आज तो most talented और busy personalty हमारे बीच बैठी है... आज सूरज किधर से निकला है?
कहते हुए priya ने kavita को आंख मारी| और सब हंसने लगे|
Sakshi: अरे यार तुम लोग भी न कोई मौका नहीं छोडते मेरी टांग खींचने का...| और बताओ क्या topic चल रहा था...
Sonal: Sex का...
Sakshi: what?... तुम लोग पागल हो क्या...
Ratna: यार sakshi तू किस सदी में जी रही है लोग यहाँ लिवइन relationship में रहते हैं और तू है की sex के नाम से ही चौंक रही है| chill यार...
Sakshi: Sorry... I will leave... मुझे ma’am से कुछ काम है|
Sakshi चली जाति है|
Sonal: इसे क्या हुआ?
Kavita: छोड़ न यार... हाँ तो तू क्या बता रही थी... फिर आगे फिल्म में लड़के ने क्या किया...?
और सब लड़कियां बातें करने में मशगूल ओ जाती हैं|

Sakshi washroom में शीशे के सामने खुद को देख रही है| अचानक उसकी आंखें नम हो जाती हैं| वो आंसुओं को पोछकर face wash कर क्लास में आ कर बैठ जाती है|

To be continued...

The Virginity Part 3




रात के करीब दो बज रहे हैं| Sakshi का कमरा| round shape डबल बेड के बीच में Sakshi सो रही है| उसके आस पास doll, teddy bear, heartshape pillow करीने से लगे हैं|  Sakshi के चेहरे पर डर है| माथे पर सिलवटें, वो गहरी लम्बी साँस ले रही है| गहरी नींद में होने के बावजूद वो जैसे जग रही है| रात के अंधेरे में दो लोग उसका पीछा कर रहे हैं| एक संकरी गली से गुज़रते हुए वो भागती जा रही है... दूर दूर तक सन्नाटा है... बचाओ... बचाओ... चीखते हुए वो भाग रही है| कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं... उसकी साँस फूल रही है| वो भागते-भागते पूरी तरह से थक चुकी है| अचानक सामने से एक आदमी आता है और वो उससे टकरा कर गिर जाती है|





तभी सुबह पांच बजे का अलार्म जोर से बजता है और वो बदहवास सी उठ जाती है|... पसीने से भीगी हुई... लम्बी साँस लेते हुए वो अलार्म बंद कर चहरे तो पोंछती है| खुद को relax करने की कोशिश में वो earphone लगा कर गाने सूनने लगती है| फिर उठ कर किचन में coffee बनाने लगी... ओ लड़की ब्यूटीफुल कर गई चुल... गाना बज रहा था पर उसका दिमाग कहीं और था... वो किसी सोच में डूबी थी...| coffee बना कर वो अपने रूम में आ गई और पढ़ने लगी|


To be continued....

The Virginity Part 2




Sakshi का घर| 14 साल की गोरे रंगत की लड़की, मासूम सा चेहरा और बड़ी बड़ी आंखें| अपने रूम में laptop पर कुछ देख रही है| Study table पर कुछ किताबें, कॉपी और पेन पेंसिल बिखरे हैं| वो खुद से ही बात करती है|
The reproduction system in human,ये कैसा टॉपिक है यार, कितना odd लगता है जब मैम पढ़ाती हैं| ये हम खुद नहीं पढ़ सकते क्या?
Mobile से वो kavita का number dial करती है|


Sakshi: हैय, कैसी है? क्या कर रही थी|
Kavita: कुछ नहीं यार वही reproduction system पढ़ रही थी| अच्छा सुन तूने कुछ प्लान किआ है क्या?
Sakshi: अरे वाह तू भी यही पढ़ रही है...| Plan? What Plan?  मैं कुछ समझी नहीं...
Kavita: अरे बुद्धू... तू कब अपनी virginity खोएगी?
ये सुनकर Sakshi थोड़ी देर के लिए शांत हो गई... उसे समझ नहीं आ रहा कि वो क्या कहे..
kavita: अरे कहा चली गई...? हेल्लो...? यार इसीलिए तुझसे तो मजाक करने में भी डर लगता है...
sakshi: हाँ... मैं... सुन रही हूँ| बोल...
kavita: खैर छोड़, ये बता तेरा और राहुल का क्या सीन है?
sakshi: यार प्लीज... तू फिर शुरू हो गई... मैं फ़ोन रख रही हूँ...
kavita ज़ोर से हंसी और बोली.. अच्छा सॉरी सॉरी, I know तुझे ऐसे jokes पसंद नहीं... but chill यार कभी कभी चलता है| life को इतना serious नहीं लेने का|
sakshi: अच्छा महारानी अब मेन बात तो कर

दोनों चैप्टर के बारे में discussion करने लगती हैं|


To be comtinued....

The virginity Part 1

शहर के एक रेपुटेड स्कूल का सीन|  लंच का समय है| प्ले ग्राउंड पर कोई बच्चा दूसरे को दौड़ा रहा है| कोई छिप रहा है| कोई टिफ़िन खा रहा है| किसी ने टिफ़िन छुपा दिया है तो कोई उसे ढूंढ रहा है| क्लास 8th में लड़के एक दूसरे पर paper balls, chalk और paper aeroplane बना बना कर फेंक रहे हैं| बहुत शोर हो रहा है|




last bench पर क्लास की लड़कियों का एक ग्रुप खुसफुसा कर एक दूसरे से बातें कर रहा है| लड़कयाँ आपस में बात कर शर्मा रहीं है और खिलखिलाकर हंस रही हैं| इतने में एक paper ball आकर kavita के सर पर लगा| वो चिल्लाई...
ए, ये क्या कर रहा है तू, दिखाई नहीं देता क्या?
Meraz नाम का लड़का जिससे ball लगी, वो चिढ़ा कर बोला
नहीं, actually मैं तुझे देखना ही नहीं चाहता...
उसकी बात सुनकर सब हंसने लगे| इतने में lunch ओवर होने की बेल बज गई|




हरे रंग की साड़ी और गोल्डन फ्रेम का चश्मा लगाये एक teacher ने class में एंट्री ली| Smart and intellectual looks की teacher को देखते ही सब अपनी seat की तरफ भागे| कोई किसी से लड़ गया तो किसी ने शैतानी में दोस्त को लंगड़ी फंसा कर गिराने की कोशिश की| सब एक सुर में गाने लगे
Gooood mooorning Maaam,
Good Morning, You naughty class, who spilled these paper balls and aeroplanes? लंच के बाद हर क्लास में कूड़ा ही नजर आता है|
teacher चीखी तो बच्चे एक दुसरे की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे|
Rahul…
Yes, Ma’am…
Please throw these balls in dustbin… and all of you take out your English Book, chapter 4 para one.



क्लास में करीब 40 बच्चे| दो rows, एक तरफ Girls, दूसरी तरफ boys. सब अपनी किताबें निकालने लगते हैं और Rahul paper balls and aeroplanes बीन कर dustbin में फेंककर अपनी सीट पर बैठ जाता है|
क्लास का एक बच्चा book का पहला para पढ़ रहा है| जबकि kavita अपने बगल में बैठी sakshi से खुसफुसा कर बात कर रही है|
ए, तू लंच में हम लोग के साथ क्यूँ नहीं बैठती?
Sakshi उसे घूर कर देखती है|
Sakshi: अभी पढाई कर ले, बाद में बताती हूँ|
Kavita: हाँ पता है, तू बड़ी पढ़ाका है...

दोनों धीरे-धीरे हँसते हैं और पढ़ने करने लगते हैं|

Sakshi का घर| 14 साल की गोरे रंगत की लड़की, मासूम सा चेहरा और बड़ी बड़ी आंखें| अपने रूम में laptop पर कुछ देख रही है| Study table पर कुछ किताबें, कॉपी और पेन पेंसिल बिखरे हैं| वो खुद से ही बात करती है|
The reproduction system in human,ये कैसा टॉपिक है यार, कितना odd लगता है जब मैम पढ़ाती हैं| ये हम खुद नहीं पढ़ सकते क्या?


Mobile से वो kavita का number dial करती है|

To be continued...

Friday, March 3, 2017

सपनों का मरना... इच्छाओं के मरने से ज्यादा खतरनाक है।।

सपनों का मरना... इच्छाओं के मरने से ज्यादा खतरनाक है।।





मसला ये नहीं है के दर्द
कितना है,
मुद्दा ये है कि परवाह
किसको है....!!


The Script of life...

It's not about you, me or anyone else... It's about script.... Script of life...!





The best part of being a human is you survive... even through the baddest and saddest days.. you fight and prove that you are human. The best thing is learning from  your mistakes and moving on.. When you forget and forgive yourself you become the greatest version on your own self. Be a fighter, a fighter of situations, fighter of time and survive as if nothing happens.. The more you smile, the close you get to your own selves. Dream.. untill you dream you can not achieve anything. The day you decide to move on with confidence you will surely win the world.. Stay happy.. Stay blessed.. !!   :)