Saturday, February 5, 2011

जीना कोई मुश्किल तो नहीं.....

एक दिन यूँ ही नेट पर सर्च करते हुए एक गाना सुना... जीना कोई मुश्किल तो नहीं.. बस जीने क़ी वजह चाहिए... एक बार सुना तो गाना ठीक ठाक लगा दूसरी बार सुना तो अच्छा लगा और तीसरी बार में जब इसकी गहराई समझ आने लगी तो सोचा क्यूँ न इसी गंभीर टॉपिक  पर कुछ हलके फुल्के अंदाज़ में अपनी बात लोगों तक पहुंचाऊँ.

आज के समय में लोगों के पास समय ही नहीं.. न परिवार के लिए न दोस्तों के लिए और न ही खुद के  लिए शायद यही कारण है क़ी अधिकतर लोग खुद से ही खुश नहीं. पर आस पास नज़रें डालें तो दुनिया में कई लोग हमसे भी ज्यादा दुःख में हैं. कुछ उसे ज़ाहिर कर देते हैं कुछ के लिए इसे अपनी हंसी के पीछे छुपा लेना कोई बड़ी बात नहीं... वो कुछ ऐसे लोग हैं जो जीवन से हारते नहीं उसमें जीने का जरिया ढूंढ लेते हैं. कोई खुद को खुश रखने के लिए सामाजिक कार्य में चला जाता है तो कोई यूँ ही दूसरों क़ी खुशियों में अपनी ख़ुशी ढूंढ लेता है.. किसी क़ी मुस्कराहट वापस ला कर, किसी को सहारा देकर तो किसी के दर्द को दूर कर. ऐसे लोग अपने लिए कुछ भी नहीं चाहते...और शायद जिंदगी क़ी लड़ाई में ऐसे ही लोग जीतते भी हैं.. इनके पास भले ही कुछ हो न हो.. लोगों क़ी दुआएं और अपनों का साथ होता  है जो कठिन से कठिन समय में भी उन्हे हारने नहीं देता.
इनके चेहरे ही हंसी देख कर एक सुकून मिलता है ऐसा सुकून जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.. एक ऐसा एहसास जिसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है.. अगर आपने अब तक किसी से लिए कोई भी काम निःस्वार्थ भाव से किया है तो उसका फल भले ही उस समय न मिले पर भगवान उसका फल ज़रूर देता है.. एक ऐसा मीठा फल तो आपके जीवन में ढेर सारी खुशियाँ लाता है..

सो अब जीवन क़ी कडवी नहीं अच्छी यादों का हाँथ थामिए और चल दीजिये जीवन के एक हसीं सफ़र पर जहाँ सिर्फ और सिर्फ खुशियाँ हैं :)

1 comment:

  1. बहुत अहसास पूर्ण प्रस्तुति..

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